Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में अब तक एक भी गांव या पंचायत तम्बाकू मुक्त घोषित नहीं हो सकी है। जबकि देशभर में चल रहे ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0’ के तहत प्रदेश के सभी जिलों में इस दिशा में कार्य चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों की संयुक्त भागीदारी बेहद आवश्यक है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुद आगे आकर अपने गांव या पंचायत को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की पहल करें, ताकि इस सामाजिक अभियान को धरातल पर उतारा जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मंडी डा. दीपाली शर्मा ने बताया कि किसी भी गांव या पंचायत को तम्बाकू मुक्त बनाने की प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब वहां के लोग इसकी इच्छा जाहिर करते हैं। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर एक को-आर्डिनेशन कमेटी गठित की जाती है, जिसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और ग्रामीण शामिल होते हैं। इसके अलावा गांव के किसी ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति को ‘तम्बाकू एम्बेसेडर’ बनाया जाता है, जिसकी समाज में साख हो और जो लोगों को इस दिशा में प्रेरित कर सके। यह कमेटी और एम्बेसेडर मिलकर गांव को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की दिशा में जागरूकता अभियान चलाएंगे।
डा. शर्मा ने बताया कि अभी तक मंडी जिले में किसी भी गांव या पंचायत की ओर से इस दिशा में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त बनने की प्रक्रिया कठिन नहीं है, बस जरूरत है लोगों की इच्छाशक्ति और भागीदारी की। विभाग की ओर से गांवों और पंचायतों में बैठकों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे आगे आकर अपने गांव को इस पहल का हिस्सा बना सकें।उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग प्रशासन और खंड विकास अधिकारियों के सहयोग से इस अभियान को गति देने की योजना बना रहा है। जल्द ही विभिन्न पंचायतों में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तम्बाकू के दुष्प्रभावों और तम्बाकू मुक्त गांव के लाभों के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी।
डा. दीपाली शर्मा ने कहा, “यह कार्य केवल सरकारी स्तर पर नहीं हो सकता। जब तक जनता खुद इसमें भाग नहीं लेगी, तब तक गांवों को तम्बाकू मुक्त बनाना संभव नहीं है। हमारा विभाग हरसंभव सहयोग करने को तैयार है। बस लोगों को आगे आना होगा।”डा. दीपाली शर्मा ने कहा कि अभी तक किसी भी गांव से आवेदन नहीं आया है। विभाग लगातार लोगों को प्रेरित कर रहा है। अगर गांववासी आगे आएं तो हम हर संभव मदद करेंगे और जल्द ही मंडी का पहला तम्बाकू मुक्त गांव घोषित होगा।