मुंबई | भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बाद मामूली तेजी के साथ 6 पैसे मजबूत होकर 88.67 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच डॉलर की कमजोरी से रुपये को सहारा मिला। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों की मंदी और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से बाजार धारणा पर दबाव देखा गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.79 के स्तर पर खुला और 88.67 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ, जो पिछले बंद भाव 88.73 की तुलना में 6 पैसे की बढ़त दर्शाता है। बाद में रुपया 88.71 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स — जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है — 0.06% बढ़कर 99.65 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स 175.32 अंक गिरकर 83,360.03 और निफ्टी 51.60 अंक फिसलकर 25,522.75 पर आ गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड 0.14% की गिरावट के साथ 63.97 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को करीब ₹4,114.85 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखा गया।