नई दिल्ली | दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में NIA ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद ने ब्लास्ट की योजना से पहले सिग्नल ऐप पर एक ग्रुप बनाया था। इसमें डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, उमर और शाहीन शामिल थे।
एजेंसी के अनुसार, इन चारों आरोपियों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये जुटाए, जिसे उमर मोहम्मद को सौंपा गया। यह रकम उन्होंने IED बनाने के लिए इस्तेमाल करने के मकसद से उर्वरक खरीदने में लगाई। गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से आतंकियों ने 3 लाख रुपये के 20 क्विंटल से अधिक NPK उर्वरक खरीदे। जांच में यह भी सामने आया कि उमर और मुजम्मिल के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था।
जांच में यह भी पता चला कि ब्लास्ट के लिए 6 दिसंबर 2025 को योजना बनाई गई थी, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मौके पर अंजाम देना चाह रहे थे। NIA ने गिरफ्तार आठ आरोपियों और उनके परिवार, दोस्तों एवं पड़ोसियों से पूछताछ कर धमाके की पूरी साजिश का ब्यौरा हासिल किया।
इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि आतंकी साजिश बेहद संगठित तरीके से तैयार की जा रही थी, और पुलिस एजेंसियां समय रहते उसकी रोकथाम में लगी थीं।