चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन ट्रैकडाउन” के तहत सोनीपत और कैथल जिलों में दो बड़ी सफलता हासिल की है। यह अभियान राज्यभर में संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा है, जिसके तहत लगातार कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है।
CRPF जवान हत्याकांड के दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
सोनीपत जिले में 27 जुलाई 2025 को छुट्टी पर आए CRPF जवान कृष्ण की हत्या के मामले में सदर गोहाना थाना पुलिस ने ₹5,000-₹5,000 के इनामी दो मुख्य आरोपियों निशांत पुत्र राजसिंह और अजय पुत्र वजीर (दोनों खेड़ी दमकन निवासी) को गिरफ्तार किया। यह वारदात पुरानी रंजिश से जुड़ी थी, जो कांवड़ यात्रा के दौरान हुई कहासुनी से शुरू हुई थी। पुलिस ने बताया कि इस केस में पहले ही तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
दोनों गिरफ्तार आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। न्यायालय में पेश कर इन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि पूरी घटना की गहन जांच की जा सके।
कैथल पुलिस ने 15 मुकदमों वाला फरार अपराधी पकड़ा
कैथल पुलिस ने ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत पीओ पकड़ो टीम द्वारा वर्ष 2017 के छेड़खानी मामले में फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी हंसराज (सेरधा निवासी) को गिरफ्तार किया। हंसराज को 6 अगस्त 2025 को अदालत द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (PO) घोषित किया गया था, क्योंकि वह जमानत मिलने के बाद अदालत में पेश नहीं हुआ था।
जांच में पता चला कि हंसराज पर कैथल, पानीपत, जींद, हिसार समेत राज्य के विभिन्न जिलों में चोरी, महिला से छेड़खानी, हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ऑपरेशन ट्रैकडाउन: प्रदेश में कानून का शिकंजा कसता हुआ
हरियाणा पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन ट्रैकडाउन” अब तक 262 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी में सफल रहा है। केवल छठे दिन में ही पुलिस ने 53 कुख्यात अपराधियों को पकड़ा, जबकि 225 अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर पिछले छह दिनों में 262 कुख्यात और 1,398 अन्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
इस अभियान ने प्रदेश में संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर किया है और आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत किया है। हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य से अपराध की जड़ें पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं।