Chandigarh, 16 November
हरियाणा को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में राज्य पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। 14 नवंबर को चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के दौरान पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 257 अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने अपराध जगत को कड़ा संदेश दिया है। डीजीपी हरियाणा के मार्गदर्शन में किए गए इस सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध सिंडिकेट पर निर्णायक प्रहार करना था।
इस एक-दिवसीय ऑपरेशन में गंभीर अपराधों से जुड़े 76 कुख्यात अपराधी काबू किए गए, जबकि अन्य मामलों में 181 अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं। कार्रवाई के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और अवैध हथियार से जुड़े 42 नए मामले दर्ज हुए और 62 आरोपियों को जेल भेजा गया। इनमें हत्या के 9 मामलों में 23, हत्या के प्रयास के 13 मामलों में 16, और आर्म्स एक्ट के 14 मामलों में 15 गिरफ्तारियाँ हुईं।अपराधियों की निगरानी को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने इस दिन 13 नए हिस्ट्री-शीट अपराधियों को सूचीबद्ध किया, जिससे पूरे ऑपरेशन के दौरान हिस्ट्री शीट खोलने का आंकड़ा 131 तक पहुँच गया है।
10 दिन का रिकॉर्ड: 2,860 अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
पिछले 10 दिनों में हरियाणा पुलिस ने इस ऑपरेशन के तहत 514 कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इसके साथ ही विभिन्न मामलों में वांछित 2,346 अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 2,860 अपराधियों को काबू कर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध के लिए राज्य में कोई जगह नहीं बची है।
भिवानी पुलिस की सफलता: ₹5,000 का इनामी आरोपी दबोचा
भिवानी एसपी सुमित कुमार के निर्देश पर, सीआईए स्टाफ प्रथम ने महीनों से फरार चल रहे इनामी आरोपी नवीन (निवासी चरखी दादरी) को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी जमीनी विवाद के चलते जूई खुर्द निवासी करण सिंह की हत्या के मामले में वांछित था, जिसकी गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम घोषित था। 14 नवंबर को तोशाम बाईपास से पकड़ने के बाद अदालत से आरोपी का 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, ताकि घटना की साजिश और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
करनाल में बड़ा खुलासा: हथियार सप्लाई नेटवर्क का सफाया
करनाल पुलिस की सीआईए-2 टीम ने मेडिकल स्टोर पर हुई फायरिंग के मामले में शामिल और हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी बादल पुत्र विमल साहनी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और दंगे सहित 15 मामले पहले ही दर्ज हैं। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर 3 दिन का रिमांड लिया है। रिमांड के दौरान हथियार सप्लाई चेन और इसके आर्थिक स्रोतों की गहन जांच की जाएगी।यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।