Una, Rakesh-:जिला प्रशासन द्वारा रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर भारी-भरकम चालान किए जाने के विरोध में आज ट्रैक्टर चालकों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। एमसी पार्क के बाहर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर चालक एकत्रित हुए और बाद में सभी ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। चालकों का कहना है कि बिना किसी ठोस वजह के प्रशासन द्वारा 50-50 हजार रुपये तक के चालान काटे जा रहे हैं, जिससे उनका कामकाज ठप होने की कगार पर है।
चेतावनी—“चालान बंद न हुए तो प्रशासन को सौंप देंगे ट्रैक्टर की चाबियां”
मीडिया से बातचीत में ट्रैक्टर चालकों ने बताया कि वे गांवों में होने वाले विकास कार्यों के लिए स्वां नदी से रेत लेकर आते हैं। उनका दावा है कि वे सरकार के सभी नियमों का पालन करते हैं और किसी भी प्रकार की मशीनरी का उपयोग नहीं करते। चालक कहते हैं कि उनकी ट्राली महज 100 फीट की होती है, फिर भी उसका चालान 50 हजार रुपये का बनाया जा रहा है। इसके विपरीत, 800 फीट रेत भरने वाले टिप्पर पंजाब और हरियाणा तक रेत लेकर जा रहे हैं, जिनका चालान सिर्फ 25 हजार रुपये तक किया जा रहा है।
चालकों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अन्यायपूर्ण है और छोटे ट्रांसपोर्टरों के साथ सीधा भेदभाव करती है।उन्होंने बताया कि वे मात्र 10 किलोमीटर के दायरे में ही रेत की आपूर्ति करते हैं और एक ट्रॉली रेत को 1000 से 1200 रुपये तक की सस्ती दरों पर लोगों के घरों तक पहुंचाते हैं। मगर लगातार भारी चालान होने से न तो वे किस्तें चुका पा रहे हैं और न ही घर का खर्च व बच्चों की फीस भर पा रहे हैं।ट्रैक्टर चालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन भारी चालानों पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं रुकी तो सभी चालक अपने ट्रैक्टर खड़े कर उनकी चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे। उनका कहना है कि गलत व्यवहार और भेदभावपूर्ण कार्रवाई से वे आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं।