सियांग | अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में मंगलवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। सुबह-सवेरे आए इन झटकों के कारण स्थानीय लोगों में हल्की दहशत जरूर देखी गई, लेकिन फिलहाल किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
10 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र
NCS की प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। आमतौर पर इस गहराई पर आने वाले भूकंप ‘शैलो क्वेक’ माने जाते हैं, जिनके झटके सतह तक अधिक तीव्रता के साथ पहुंचते हैं।
कम गहराई वाले भूकंप क्यों माने जाते हैं अधिक प्रभावी?
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि जब भूकंप कम गहराई पर आता है, तो उसकी ऊर्जा सीधे सतह को प्रभावित करती है। इससे हिलने की तीव्रता बढ़ जाती है और इमारतें, पुल, सड़कें व अन्य ढांचागत संरचनाएं नुकसान झेल सकती हैं। ऐसे भूकंपों में चोटें और संपत्ति क्षति की संभावना भी ज्यादा होती है, खासकर वहां जहां जनसंख्या घनी है या निर्माण कमजोर हैं।
उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है नॉर्थ-ईस्ट
अरुणाचल प्रदेश सहित पूरा नॉर्थ-ईस्ट भारत देश के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। भूगर्भीय प्लेटों की सतत हलचल के कारण यह क्षेत्र लगातार हल्के झटकों का सामना करता रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है क्योंकि यहां मध्यम और तीव्र भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है।