Shimla, Sanju-:नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों में देरी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन सरकार प्रभावी राहत देने के बजाय राजनीतिक आयोजनों और उत्सवों में अधिक व्यस्त दिखाई दे रही है।
जयराम ठाकुर ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच लगभग 480 लोगों की जान गई, 41 लोग अब भी लापता हैं और 30,000 से अधिक पशु-पक्षियों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ—जैसे सड़क, पेयजल और बिजली—अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से बताए गए नुकसान के आंकड़े वास्तविकता से काफी कम हैं। उनके अनुसार, सरकार ने 1800 पूर्ण क्षतिग्रस्त और 300 आंशिक क्षतिग्रस्त घरों का दावा किया है, जबकि जमीनी स्तर पर यह संख्या कहीं अधिक है। पाँच महीने बीत जाने के बाद भी अनेक परिवारों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई है।
सैकड़ों लोगों की मौत और तीन साल की नाकामी के बाद किस बात का जश्न
मंडी में प्रस्तावित सरकारी कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उसी जिले में 50 से अधिक लोगों की जान आपदा में गई है। ऐसे हालात में वहां “जश्न का माहौल बनाना” उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि 1513 पूर्ण क्षतिग्रस्त घरों को दी गई आर्थिक सहायता अपर्याप्त है और कई परिवार योजनाओं के दायरे में भी नहीं आए हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि कई बड़ी घटनाओं पर मंत्री स्तर पर मौके का दौरा तक नहीं किया गया। सुंदरनगर में सात मौतों और बिलासपुर में पहाड़ गिरने से 16 लोगों की मृत्यु जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता इन घटनाओं से झलकती है। इसी के साथ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं, कर्मचारियों तथा पेंशनरों के भुगतान लंबित हैं और ठेकेदारों के बिल समय पर नहीं चुकाए जा रहे।
पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर सरकार पर निशाना
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने डिज़ास्टर एक्ट का हवाला देकर पंचायत और नगर निकाय चुनावों को टालने की कोशिश की। लेकिन अदालत और चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद मजबूरी में बाउंड्री नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावों को लेकर स्पष्ट मंशा नहीं दिखा रही और लगातार असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है।
कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के पास उपलब्धियों का अभाव है और वह मुद्दों से ध्यान हटाने की राजनीति कर रही है। बिहार चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है, इसलिए हिमाचल सरकार को उत्सव कार्यक्रम रद्द करके आपदा प्रभावितों के पुनर्वास को प्राथमिकता देनी चाहिए।