फरीदाबाद। 2026 में आयोजित होने वाले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में मेघालय को थीम स्टेट के रूप में चुना गया है। इस मेले में पूर्वोत्तर के कुल आठ राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर और शिल्पकला का प्रदर्शन होगा। मेघालय को थीम स्टेट बनाने का उद्देश्य इसकी अनूठी संस्कृति, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को देश-विदेश के आगंतुकों के सामने लाना है।
पूर्वोत्तर के आठ राज्यों — अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, असम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय — इस मेले में सांस्कृतिक भागीदारी करेंगे। इन राज्यों के कलाकार और शिल्पकार अपने हुनर से मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। पिछले वर्ष 2025 में ओडिशा और मध्य प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया था, जबकि मिस्र पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल रहा। इस बार भी मिस्र मेले का अंतरराष्ट्रीय पार्टनर रहेगा।
हरियाणा पर्यटन निगम ने मेले की तैयारी शुरू कर दी है। मेले परिसर में 100 नई हट्स का निर्माण किया जाएगा, जबकि पहले से ही लगभग 1200 हट्स मौजूद हैं। इस मेले में देश-विदेश के पर्यटक उत्तर प्रदेश, मेघालय और अन्य राज्यों की सांस्कृतिक विविधता और शिल्पकला का आनंद ले सकेंगे।
मेले में तीन चौपालों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चौपाल पर मिस्र और उत्तर प्रदेश के कलाकारों के साथ अन्य देशों और राज्यों के कलाकार भी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, दिल्ली गेट के पास बड़ी और छोटी चौपाल पर भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
पूर्वोत्तर राज्यों की यह भागीदारी नई नहीं है। पहली बार 2023 में इन्हें सांस्कृतिक पार्टनर बनाया गया था और उनकी शिल्पकला तथा सांस्कृतिक समृद्धि से प्रभावित होकर इन्हें फिर से मौका दिया गया है। हरियाणा पर्यटन निगम और इन राज्यों के बीच इसके लिए एमओयू पहले ही साइन किया जा चुका है।
सूरजकुंड मेला अपने हस्तशिल्प, कला और संस्कृति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है और 2026 का संस्करण विशेष रूप से पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक झलक और मेघालय की थीम स्टेट के रूप में भागीदारी के लिए यादगार रहेगा।