Shimla, Sanju-:हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) के पेंशनरों में सरकार के प्रति भारी असंतोष उभर आया है। लगातार पेंशन और मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी से परेशान पेंशनरों ने शुक्रवार को शिमला के पुराने बस स्टैंड पर एकजुट होकर जोरदार धरना दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे पेंशनरों ने कहा कि 20 नवंबर तक भी उन्हें मासिक पेंशन नहीं मिली, जिसके चलते वे गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल पेंशनरों ने बताया कि मेडिकल बिलों का भुगतान महीनों से लंबित पड़ा है, जिसकी वजह से उन्हें इलाज के लिए अपनी निजी बचत तक खर्च करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही।धरने का नेतृत्व कर रहे एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन के महासचिव देवराज ठाकुर ने कहा कि पेंशनरों की उपेक्षा अब असहनीय हो गई है। “नवंबर का अधिकतर समय बीत चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक पेंशन जारी नहीं की। पुराने पेंशनरों को भी हर महीने देरी का सामना करना पड़ता है,” ठाकुर ने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2016 के नए वेतनमान का एरियर, महंगाई भत्ता (डीए) और मेडिकल बिलों के भुगतान समय पर न होने से हजारों पेंशनरों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
देवराज ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा एचआरटीसी की स्वर्ण जयंती पर की गई घोषणाएं आज तक लागू नहीं हुईं। “कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करने और पेंशनभोगियों के हित सुरक्षित रखने का वादा किया था, लेकिन अब हालात यह हैं कि पेंशनधारक समय पर भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हुआ तो वे 28 नवंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे। प्रदेश में करीब आठ हजार एचआरटीसी पेंशनर हैं, जिन्हें पेंशन, एरियर और भत्तों के भुगतान में लगातार देरी का सामना करना पड़ रहा है।