Mandi, 21 November-:सराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों को लेकर सरकार के रुख पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार, मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी चुनावों को लेकर परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि राज्य चुनाव आयुक्त को राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपनी पड़ी है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण संकेत है।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब मंत्री कह रहे हैं कि पंचायत चुनाव समय पर करवाए जा सकते हैं, तो फिर अधिकारी किसके निर्देश पर देरी कर रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने मंत्रियों के कथनों से उलट बयान दे रहे हैं, जिससे सरकार की मंशा संदिग्ध प्रतीत होती है।उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि प्रदेश में अधिकांश सड़कें दुरुस्त कर ली गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री प्रदेश की स्थिति को बदतर बताकर चुनाव टालने का तर्क दे रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू होने के बाद मुख्यमंत्री ने कितने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय दौरा किया है?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंचायत चुनाव न होने से मनरेगा जैसे प्रमुख रोजगार कार्यक्रम ठप पड़ जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता देना चाहती है, तो इसे डीबीटी के माध्यम से तुरंत जारी कर सकती है, फिर चुनाव टालने की क्या मजबूरी है?
एचआरटीसी पेंशनरों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि 21 नवंबर तक भी पेंशन जारी न होना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। मेडिकल बिल दो साल से लंबित हैं, जिससे हजारों परिवार परेशान हैं।थुनाग और जंजैहली मंडल की संयुक्त मोर्चा बैठक में उन्होंने संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया और कहा कि 2027 में भाजपा ऐतिहासिक जनमत हासिल करेगी।अपने पुराने स्कूल के वार्षिक उत्सव में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे जयराम ठाकुर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पुरानी यादें ताजा हो गई हैं और यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।