चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क सुरक्षा के मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उन्हें मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त किया जाए और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉर्निंग पीक टाइम में बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएं और निजी बसों में भी स्टूडेंट पास सुविधा अनिवार्य की जाए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि स्कूल बसों की सुरक्षा मानकों और GPS सिस्टम की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त रुख अपनाने, CCTV कैमरों से स्पीड मॉनिटरिंग बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों का तत्काल चालान करने के निर्देश दिए। लिंक रोड से मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने, गड्ढों को भरने और डार्क स्पॉट्स पर लाइटिंग सहित सुरक्षा सुधार करने के भी आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बस क्यू-शेल्टर बनाए जाएं, नशे में गाड़ी चलाने पर रोक लगाने के लिए “ड्रिंक एंड ड्राइव” अभियान चलाया जाए और सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि धुंध के मौसम में रिफ्लेक्टर लगाने के लिए नागरिकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सड़क पर छोड़े जाने वाले गोवंश की समस्या का समाधान कर सभी पशुओं को सुरक्षित अभयारण्यों में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को गंभीरता और तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि हरियाणा की सड़कें अधिक सुरक्षित और प्रभावी बन सकें।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य, परिवहन, उच्च शिक्षा और लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, डीजीपी ओ.पी. सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।