Shimla, Sanju-:शिमला के संजौली क्षेत्र में मस्जिद विवाद एक बार फिर तनाव का कारण बना हुआ है। पिछले चार दिनों से हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले हिंदू संगठनों के नेता आमरण अनशन पर बैठे थे। सोमवार को प्रशासन द्वारा सभी मांगों पर सकारात्मक ढंग से बातचीत करने के आश्वासन के बाद अनशनकर्ताओं ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। हिंदू संघर्ष समिति से जुड़े नेता मदन ठाकुर और विजय शर्मा ने जूस पीकर अनशन तोड़ा।
अब प्रशासन और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 29 नवंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समिति के नेता विवाद से जुड़ी सभी मांगों और बिंदुओं पर प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया है कि हालांकि आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन उनकी क्रमिक हड़ताल पूर्व की भांति जारी रहेगी।हिंदू रक्षा मंच के अध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि प्रशासन ने उनकी अधिकतर मांगों को सुनने और उन पर विचार करने का भरोसा दिया है। साथ ही प्रशासन और हिंदू संघर्ष समिति के सदस्यों की एक संयुक्त कमेटी बनाने पर सहमति बनी है, जो आगे की प्रक्रिया को देखेगी। उनका कहना है कि संगठन समाधान की दिशा में प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उनकी मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अनशन खत्म होने के बाद हालात तनावपूर्ण भी हो गए। कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो उठे और संजौली क्षेत्र में सड़क पर नारेबाज़ी करते हुए चक्का जाम कर दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। हालांकि, हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और चक्का जाम समाप्त करवाया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई।प्रदर्शनकारियों ने तुरंत प्रभाव से अवैध घोषित संजौली मस्जिद को हटाने की मांग दोहराई और स्थल पर कुछ समय तक नारेबाजी जारी रखी। अब नजरें 29 नवंबर की होने वाली बैठक पर हैं, जिससे विवाद के समाधान की उम्मीद की जा रही है।