Shimla, 23 November-:प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने अप्रैल से अब तक उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए कुल 54,945 लीटर अवैध शराब और लाहन जब्त किया है। विभाग ने इस अवधि में 523 मामले दर्ज किए हैं और राज्यभर में विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
विभाग के अनुसार, अब तक 21,637.166 लीटर अवैध शराब और 33,308.900 लीटर लाहन राज्य के विभिन्न हिस्सों से बरामद किया गया है। अकेले अक्तूबर माह में विभाग की कार्रवाई तेज रही। दक्षिण क्षेत्र शिमला में 309.340 लीटर अवैध शराब और 12 लीटर लाहन, मध्य क्षेत्र मंडी में 2678.225 लीटर अवैध शराब तथा 14 लीटर लाहन और उत्तरी क्षेत्र पालमपुर में 529.150 लीटर शराब एवं 4870 लीटर लाहन जब्त किया गया।
पुलिस जिलों में भी अवैध शराब विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अक्तूबर में बद्दी में 286.09 लीटर, कुल्लू में 2090.625 लीटर, मंडी में 528.350 लीटर तथा ऊना में 286.045 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। सरकार ने जिला प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।इसी अवधि में पुलिस जिला नूरपुर के डमटाल क्षेत्र के मिलवान, ठाकुरद्वारा, बरोटा, बेला लुडाचा और उलेहरियां में भी छापेमार कार्रवाई की गई, जहां विभागीय टीमों ने भारी मात्रा में अवैध शराब व कई सक्रिय भट्टियां पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई के बाद मौके पर ही नष्ट कर दीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सूक्खू के निर्देशों के अनुरूप अवैध शराब तस्करी पर लगाम कसने के लिए विभाग ने राज्य स्तर पर व्यापक रणनीति बनाई है। इसी के तहत 35 विशेष टीमें गठित की गई हैं। कुल्लू और चंबा में 4-4 टीमें, शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, ऊना व नूरपुर पुलिस जिला में 3-3 टीमें, कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर व बीबीएन में 2-2 टीमें तथा किन्नौर में 1 टीम तैनात की गई है। ये टीमें पूरे प्रदेश में सघन अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में जुटी हैं।आबकारी आयुक्त यूनुस ने बताया कि राज्य सरकार अवैध शराब कारोबार पर सख्त नजर रखते हुए निरंतर कार्रवाई कर रही है, ताकि राजस्व को किसी प्रकार की क्षति न हो। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अवैध शराब से संबंधित किसी भी सूचना को विभाग के टोल फ्री नंबर 0177-2620426 या व्हाट्सऐप नंबर 94183-31426 सहित संबंधित जोनल समाहर्ताओं के दूरभाष नंबरों पर साझा करें, ताकि अवैध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।