चंडीगढ़। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि चंडीगढ़ पंजाबियों की पहचान का अहम हिस्सा है और इसके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बिट्टू ने स्पष्ट किया कि भाजपा नेतृत्व पंजाब और चंडीगढ़ के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी हालत में प्रदेश की जमीन या अधिकारों पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
मंत्री ने आर्टिकल 240 को लेकर फैल रही अफवाहों पर कहा कि संसद में लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति या किसी संवैधानिक बदलाव पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पंजाब के हित सुरक्षित हैं और पंजाबियों की सहमति के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
बिट्टू ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि दोनों दल इस मुद्दे पर अनावश्यक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है और अब AAP और कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी मामले पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी चुनाव का कैलेंडर जल्द जारी होगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी।