Shimla, 24 November-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार से धर्मशाला स्थित तपोवन में आरंभ होने जा रहा है। आगामी दस दिनों तक राज्य सरकार और प्रशासन धर्मशाला में डेरा डाले रहेगा। सत्र की तैयारियों के लिए कुछ प्रशासनिक अधिकारी सोमवार को ही धर्मशाला पहुंच चुके हैं, जबकि शेष अधिकारी मंगलवार दोपहर तक पहुंचेंगे।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस और भाजपा विधायक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होगी, जबकि भाजपा विधायक दल की अगुवाई नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करेंगे। प्रदेश की ताजा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बार सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक की पूरी संभावना है।विपक्ष कानून-व्यवस्था, चुनावी वादों, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था, रोजगार संकट, आपदा प्रबंधन, सड़कों की खराब हालत, नशा तस्करी तथा कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। दूसरी ओर सरकार अपने तीन वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को सदन में मजबूती से रखने और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए रणनीति के साथ उतरने वाली है।
26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलने वाला यह शीतकालीन सत्र अब तक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें कुल आठ बैठकें निर्धारित की गई हैं। सत्र समाप्त होते ही 11 दिसंबर को सुक्खू सरकार अपने तीन वर्ष पूरे होने पर जिला मंडी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों में जुट जाएगी।इसी बीच, विभिन्न संगठन और कर्मचारी संघ भी सत्र के दौरान अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने की योजना बना रहे हैं। 28 दिसंबर को पेंशनधारक अपने मुद्दों को लेकर धर्मशाला में प्रदर्शन करेंगे। इसके अतिरिक्त कई प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलकर विभिन्न समस्याओं और मांगों पर चर्चा करेंगे।