नई दिल्ली | धर्मस्थल में कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से सामूहिक शव दफनाने की जानकारी देने वाले आरोपी सीएन चिन्नय्या को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। वह पिछले तीन महीनों से शिवमोग्गा जेल में बंद था। उसे आज मंगलुरु डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हुई विस्तृत सुनवाई के बाद जमानत मिली।
चिन्नय्या, जो कि पूर्व सफाई कर्मचारी हैं, ने दावा किया था कि 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में दर्जनों महिलाओं और नाबालिगों की लाशें चुपके से दफनाई गई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कई पीड़ितों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ।
इस मामले के बाद राज्य में काफी हंगामा मचा और जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया। हालांकि, एसआईटी ने चिन्नय्या के बयानों और सबूतों में कई विसंगतियां पाई। इसके बाद 23 अगस्त को उसे झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया और प्रारंभिक रूप से एसआईटी की कस्टडी में रखा गया। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
अदालत ने उसे सशर्त जमानत दी है। जमानत के आदेश के अनुसार, चिन्नय्या को 1 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा और जांच अधिकारी के साथ पूरा सहयोग करना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वह बिना अनुमति इलाके से बाहर नहीं जा सकता, अपना मोबाइल नंबर, वॉट्सएप और ईमेल आईडी साझा करेगा और हर दूसरे दिन स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करेगा।
साथ ही, अदालत ने उसे कोई सार्वजनिक बयान देने या मीडिया इंटरव्यू देने से भी रोक दिया है। जमानत का यह आदेश सुनिश्चित करता है कि आरोपी जांच प्रक्रिया में बाधा नहीं डाले और संबंधित अधिकारियों के समक्ष पूरी तरह सहयोग करें।