Shimla, 27 November-:शिमला जिला प्रशासन ने मेहली–ढली रोड पर हाल ही में हुए भूस्खलन को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 के तहत बनाए जा रहे ट्विन ट्यूब टनल प्रोजेक्ट पर तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार के निर्माण कार्य रोक दिए हैं। जिला दण्डाधिकारी अनुपम कश्यप ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), क्षेत्रीय कार्यालय शिमला के परियोजना निदेशक को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि टनलिंग, खुदाई, ब्लास्टिंग और अन्य संबंधित गतिविधियाँ अगली अधिसूचना तक बंद रहें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूवैज्ञानिक शाखा की प्राथमिक निरीक्षण रिपोर्ट में मेहली–ढली रोड पर एक बड़े स्तर का गर्त बनने की पुष्टि हुई है। इस गर्त के आसपास चट्टानी द्रव्यमान में दरारें, सतत जल रिसाव, सड़क किनारे उपयोगिताओं के उजागर होने तथा नजदीकी आवासीय मकानों में संरचनात्मक क्षति दर्ज की गई है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि निर्माणाधीन ट्विन ट्यूब टनल का अक्ष इसी प्रभावित क्षेत्र के ठीक नीचे स्थित है, ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में होने वाला कोई भी उत्खनन क्षेत्र की स्थिरता को और प्रभावित कर सकता है।
प्राथमिक निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूस्खलन के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जैसी विशेषज्ञ एजेंसी से विस्तृत भू-तकनीकी और भू-भौतिकीय जांच करवाई जाएगी। जन-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने मैसर्ज गावर शिमला हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को जारी ब्लास्टिंग अनुमति भी अगली सूचना तक निलंबित कर दी है।जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में दरारों, नई गतिविधियों तथा जल-रिसाव की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोक निर्माण विभाग तथा जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीमों को पूरा सहयोग देने, क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाने और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।जिला दण्डाधिकारी ने साफ किया है कि आदेशों की अवहेलना पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।