Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में जारी गर्माहट के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर सीधा हमला बोला है। विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार बढ़ रहे राजनीतिक तनाव के बीच मीडिया से बातचीत में सीएम ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रति हीन भावना से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री नेगी सरकार के सबसे सक्रिय और मेहनती मंत्रियों में शुमार हैं, जिन्होंने आपदाओं के दौरान बिना रुके मैदान में उतरकर राहत कार्यों को अंजाम दिया।
सीएम सुक्खू ने कहा कि नेगी कभी भी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते, जबकि इसके विपरीत जयराम ठाकुर लगातार बयानबाजी कर माहौल गर्माने की कोशिश कर रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि वे सदन में विपक्ष की हर बात ध्यान से सुनते हैं, लेकिन तथ्यों को दरकिनार कर वॉकआउट की राजनीति करना भाजपा की आदत बन चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर इन दिनों अनावश्यक गुस्से में दिखाई देते हैं, जिसका मुख्य कारण भाजपा के भीतर बढ़ती गुटबाजी है। “भाजपा पांच गुटों में बंट चुकी है और कांग्रेस के एक विधायक के भाजपा में शामिल होने से जयराम की बेचैनी और बढ़ गई है,” सीएम ने कहा।
पंचायत चुनावों पर सरकार का रुख स्पष्ट
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर उठ रहे सवालों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक प्रदेश में डिज़ास्टर एक्ट लागू है, तब तक चुनाव करवाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति सामान्य होते ही चुनाव करवाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मंडी कार्यक्रम पर सफाई—“डिज़ास्टर फंड का एक रुपया नहीं खर्च होगा”
11 दिसंबर को मंडी में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रम को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि यह किसी प्रकार का उत्सव नहीं, बल्कि सरकार का जन कार्यक्रम है, जहां जनता के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष भूल रहा है कि उनकी सरकार के समय 80 लाख रुपये के तंबू सिर्फ आयोजनों में खर्च होते थे। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि मंडी कार्यक्रम पर डिज़ास्टर फंड का एक रुपये भी खर्च नहीं होगा, पूरा खर्च सरकार स्वयं उठाएगी।
पेंशनर्स के धरने पर प्रतिक्रिया—“समस्याए
हल की जाएंगी”
धर्मशाला में कल होने वाले पेंशनर्स के प्रस्तावित धरने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनर्स ने प्रदेश को 30–35 वर्षों तक सेवाएं दी हैं, और सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की कुछ प्रक्रियागत अड़चनों के कारण देरी आ रही है, लेकिन सरकार इन सभी मुद्दों को गंभीरता से सुलझा रही है। इसी संदर्भ में आज संबंधित विभागों की बैठक में लंबित मेडिकल रिइंबर्समेंट को तुरंत निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने विधायक निधि में देरी को भी स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इसका समाधान जल्द किया जाएगा।