मोहाली। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है। विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले में धारा 120B (आपराधिक साज़िश) जोड़ दी है। बुधवार को मजीठिया को नाभा जेल प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज हरदीप सिंह की कोर्ट में पेश किया।
विजिलेंस ने रिश्तेदार को भी किया नामज़द, जारी हुआ अरेस्ट वारंट
सरकारी पक्ष की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रीत इंदर पाल सिंह और मंजीत सिंह कोर्ट में उपस्थित रहे, जबकि मजीठिया की ओर से वकील एच.एस. धनोआ ने पैरवी की।
विजिलेंस ने कोर्ट को बताया कि मामले में मजीठिया के जीजा गजपत सिंह ग्रेवाल को भी आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं, जो 29 नवंबर तक वैध हैं।
10 दिसंबर को होंगे चार्ज फ्रेम
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में चार्ज फ्रेम करने की तारीख 10 दिसंबर तय की है। इससे पहले, संभावना है कि मजीठिया के वकील कोर्ट में दाखिल चालान पर बहस करेंगे।
25 जून को दर्ज हुआ था केस
गौरतलब है कि पंजाब सरकार पहले ही मजीठिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे चुकी है। उनके खिलाफ 25 जून 2025 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो, फ्लाइंग स्क्वॉड-1, मोहाली में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।