नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक कर रिश्वत लेने के आरोपों की जांच से जुड़ी है। मामला सीबीआई द्वारा दर्ज 225 एफआईआर से संबंधित है, जिसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और अन्य सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इन राज्यों में हुई छापेमारी
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कुल 15 लोकेशनों पर ईडी ने तलाशी ली।
क्या है मामला?
सीबीआई ने 30 जून 2025 को 225 एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं रिश्वत लेकर कुछ प्राइवेट मैनेजरों और बिचौलियों को लीक की गईं।
इन सूचनाओं का उपयोग निरीक्षण मानकों में हेरफेर कर शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की मंजूरी पाने के लिए किया गया।
आरोपों के अनुसार:
- एनएमसी के कुछ अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रिश्वत लेकर इंस्पेक्शन रिपोर्ट और आंतरिक जानकारी बाहर पहुंचाई।
- इस हेराफेरी से मेडिकल कॉलेजों को लाभ मिला और निरीक्षण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे।
छापेमारी में क्या-क्या शामिल?
ईडी की तलाशी में उन सात मेडिकल कॉलेजों के परिसर भी शामिल हैं, जिन पर निरीक्षण संबंधी अनियमितताओं का संदेह है। इसके अलावा, सीबीआई की एफआईआर में आरोपी कई निजी व्यक्तियों और बिचौलियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है।
ED की जांच की प्रमुख बातें
- मेडिकल कॉलेज निरीक्षण घोटाले में 10 राज्यों के 15 स्थानों पर छापेमारी
- CBI की 225 एफआईआर का आधार, जिसमें सरकारी अधिकारियों पर रिश्वत लेने का आरोप
- NMC अधिकारियों द्वारा गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप
- मेडिकल कॉलेजों ने जानकारी का उपयोग कर इंस्पेक्शन मानकों में हेरफेर किया
- जांच में कई राज्यों के सात मेडिकल कॉलेज और निजी ठिकाने शामिल