रोहतक | बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के बाद प्रदेश सरकार और खेल विभाग सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार को हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम लाखनमाजरा गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने हार्दिक के परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
“सरकार परिवार के साथ खड़ी है” : खेल मंत्री
परिवार से मुलाकात के बाद खेल मंत्री ने कहा कि हार्दिक राठी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी था और उसकी आकस्मिक मौत से प्रदेश ही नहीं, पूरा देश शोक में है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी भी घटना पर गंभीर हैं और पीड़ित परिवार की हर मांग पर विचार किया जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला खेल अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है।
गौतम ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश सरकार ने खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि नए स्टेडियम निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को 150 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सांसद कोटे से मिली राशि क्यों खर्च नहीं हुई, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
हार्दिक के पिता ने कहा “मुआवजा नहीं चाहिए, बेटे के नाम पर स्टेडियम बने”
हार्दिक के पिता संदीप राठी ने मंत्री के सामने अपनी मांग स्पष्ट रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है, लेकिन उनका परिवार यह राशि नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा, “पैसे से हमारा बच्चा वापस नहीं आएगा। हमें आर्थिक मदद नहीं चाहिए। हमारी सिर्फ एक मांग है, गांव में हार्दिक के नाम पर इंडोर स्टेडियम बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।”
संदीप राठी ने बताया कि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि घटना की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांव के लोगों और खिलाड़ियों ने भी हार्दिक के नाम पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की मांग की है, ताकि उसकी याद को सम्मान मिल सके और युवा खिलाड़ी प्रेरित हों।