रोहतक | रोहतक में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने पूर्व IPS अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ रची गई “बदनाम करने की साज़िश” है और इस मामले में उन्होंने कानूनी नोटिस तैयार करवाया है।
अभय चौटाला ने कहा कि जिस अधिकारी को ईमानदार बताया जा रहा है, उसकी नौकरी समाप्त होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी की पत्नी, जो मजिस्ट्रेट थीं, उन्हें भी हाईकोर्ट ने पद से हटाया था। “यदि सब कुछ सही था, तो सेवा क्यों गई?”—अभय ने सवाल उठाया।
सोशल मीडिया पर लगाए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया
चौटाला ने कहा कि सोशल मीडिया पर “अधूरी और भ्रामक क्लिप्स” साझा करने वालों को भी इसका सबक मिलना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि या तो वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, नहीं तो कोर्ट में अपने आरोप साबित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि “अगर अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हुए, तो क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
“25 सितंबर के बाद कुछ लोग सक्रिय हुए”
अभय चौटाला का कहना है कि 25 सितंबर के बाद कुछ व्यक्तियों ने उनके खिलाफ जानबूझकर अभियान चलाया है—कभी महम कांड का मुद्दा उठाया जाता है, तो कभी दूसरे मामलों का। उन्होंने कहा कि अब उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय ले लिया है।
“विपक्षी दल मिलकर रोकने की कोशिश कर रहे हैं”
चौटाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा और जेजेपी उन्हें राजनीतिक रूप से रोकने की रणनीति बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसा हुआ है और अब भी सभी दल एकजुट होकर उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इससे विचलित नहीं होंगे और “कानून के दायरे में रहकर” जवाब देते रहेंगे।