Shimla, 2 December-:जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने पंजाब सिक्योरिटी ऑफ़ स्टेट एक्ट, 1953 (जैसा कि हिमाचल प्रदेश में लागू है) की धारा 6 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए शिमला के द मॉल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में रैलियों, जुलूसों, प्रदर्शनों, सार्वजनिक बैठकों, नारेबाज़ी तथा बैंड बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार किसी भी व्यक्ति को ऐसे सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी जिन्हें आपराधिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा सकता हो।
जिला प्रशासन के अनुसार इन गतिविधियों से सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका रहती है, इसलिए यह निर्णय आवश्यक माना गया।
कौन-कौन से क्षेत्र प्रतिबंधित?
आदेश के तहत निम्न क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित किया गया है—
- छोटा शिमला से केनेडी हाउस और द रिज तक द मॉल रोड
- रेंदेवू रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर क्षेत्र
- स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक
- छोटा शिमला गुरुद्वारा से कसुम्पटी रोड तक लिंक रोड
- छोटा शिमला चौक से राजभवन होकर ओक ओवर तक
- छोटा शिमला गुरुद्वारा के समीप स्थित सीढ़ियाँ एवं पैदल मार्ग (कसुम्पटी रोड की ओर)
- कार्ट रोड से मजीठिया हाउस तक लिंक रोड
- ए.जी. ऑफिस से कार्ट रोड तक जाने वाला मार्ग
- सीपीडब्ल्यूडी ऑफिस से चौड़ा मैदान तक
- पुलिस गुमटी (उपायुक्त कार्यालय के ऊपर) से लोअर बाजार की ओर 50 मीटर क्षेत्र
अनुमति अनिवार्य
इन सभी क्षेत्रों में रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक सभा या बैंड बजाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक कदम सुनिश्चित करना है।
किस पर लागू नहीं होगा आदेश?
यह आदेश पुलिस, पैरा-मिलिट्री और सैन्य बलों पर, उनके आधिकारिक कर्तव्यों के दौरान, लागू नहीं होगा।
कब तक लागू रहेगा आदेश?
प्रतिबंध 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी होकर 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कानून के तहत दंड का प्रावधान है।