Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला में जारी हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का मंगलवार का दिन विपक्ष और सरकार के बीच तीखे सवाल–जवाबों से भरा रहा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनावों से पहले युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे किए थे और 10 गारंटियां जारी की थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि पहली कैबिनेट बैठक में पक्की नौकरियां देने का वादा किया गया था, मगर आज सरकार यह कह रही है कि रोजगार संबंधी सूचनाएं इकट्ठी की जा रही हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री कभी 23 हजार तो कभी 34 हजार नौकरियां देने का दावा करते हैं, लेकिन पक्की और पेंशन वाली नौकरियों का वास्तविक आंकड़ा कब दिया जाएगा।
विपक्ष ने नौकरियों पर समयबद्ध जानकारी देने की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से सरकार केवल आश्वासन दे रही है। इस बीच भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश के हितों की पैरवी के लिए तैनात महाधिवक्ताओं और सहायक महाधिवक्ताओं की संख्या पर प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि बीबीएमबी, शानन जलविद्युत परियोजना और वॉटर सेस से जुड़े मामलों समेत कई महत्वपूर्ण मामलों में चार वरिष्ठ वकील प्रदेश का पक्ष रख रहे हैं। इस दौरान विपक्ष इस जवाब से असंतुष्ट दिखा और थोड़ी नोकझोंक भी देखने को मिली।
झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल ने बोर्ड–निगमों और सोसायटियों में स्वीकृत पदों की जानकारी मांगी। जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है और विभिन्न विभागों में इंटरव्यू प्रक्रिया जारी है, जिसकी पूरी जानकारी जल्द दी जाएगी। वहीं HRTC के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि निगम पर लगभग 2200 करोड़ रुपये का घाटा है, जिसमें 1300 करोड़ रुपये देनदारी शामिल है।
रिटायर्ड होमगार्ड कर्मियों के एरियर भुगतान को लेकर विपक्षी विधायकों सुधीर शर्मा और रणवीर निक्का ने सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वित्तीय स्थिति सुधरते ही भुगतान किया जाएगा। करुणामूलक नियुक्तियों पर दीप राज ने मांग उठाई कि आय सीमा के तहत पात्र लोगों को बार–बार सड़कों पर बैठकर आंदोलन न करना पड़े, इसके लिए ठोस नीति बनाई जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर नीति में बदलाव भी किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में सबसे अधिक करुणामूलक नियुक्तियां दी थीं और वर्तमान सरकार को भी अपने तीन साल का आंकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए।
नाचन से भाजपा विधायक विनोद कुमार ने गद्दीधार–करसोग बस सेवा बहाल करने की मांग उठाई और HRTC की खराब बसों को लेकर सुरक्षा सवाल खड़े किए। त्रिलोक जाम्वाल ने जाह्नू–कंदरौर–हारलोग बस सेवा की बहाली पर जवाब मांगा।
शून्यकाल में भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने भेड़पालकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दवाओं की किल्लत, भेड़ों की चोरी, जंगलात विभाग द्वारा वार्डबंदी और बाहरी राज्यों की भेड़ों की बिक्री जैसी समस्याएं समुदाय को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने भेड़पालकों के लिए विशेष सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान करने की मांग की।धर्मशाला विधानसभा में दिनभर चले सवाल–जवाब प्रदेश की चुनौतियों और सरकार–विपक्ष के बीच बढ़ती तल्ख़ी को साफ दर्शाते रहे।