पानीपत। पानीपत में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। शहर की टूटी-फूटी सड़कों से उठ रही धूल और औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकल रहा काला धुआं मिलकर हवा को जहरीला बना रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 370 के पार पहुंच गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
सेक्टर 25, 29 और इंडस्ट्रियल एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित
शहर के अधिकांश हिस्सों में धूल का असर दिख रहा है, लेकिन , सेक्टर-25, सेक्टर-29 और मुख्य औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो गए हैं। इन इलाकों में सड़कों की दुर्दशा के कारण वाहन गुजरते ही हवा में मोटी धूल की परत फैल जाती है।
धुएं और स्मॉग की मोटी परत ने बढ़ाई सांसों की दिक्कत
फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं शहर के ऊपर स्मॉग की तरह मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाता है। हवा के ठहराव और तापमान गिरने से प्रदूषण जमीन पर जमा हो रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयास नाकाफी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की व्यवस्थाएं हवा की गुणवत्ता सुधारने में असरदार साबित नहीं हो रही हैं। कई क्षेत्रों में धूल की मोटी परत, धुंध और बदबूदार हवा ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।
निर्माणाधीन सड़कों पर वाहनों की एंट्री रोकी
मंगलवार दोपहर शहर में निर्माण कार्य के चलते उखाड़ी गई मुख्य सड़कों पर ,धूल नियंत्रण के लिए वाहनों की एंट्री अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। हालांकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल यह कदम काफी नहीं है।