Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र, जो प्रदेश की राजनीति में अब तक का सबसे लंबा सत्र माना जा रहा है, शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। समापन अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस बार का सत्र कांगड़ा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन में आयोजित यह सत्र न केवल अपनी अवधि के कारण बल्कि इसमें हुई सार्थक और व्यापक चर्चाओं की वजह से भी विशेष रहा। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों और नीतियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्यों ने खुलकर विचार-विमर्श किया। कई बार विपक्ष द्वारा वॉकआउट किए जाने के बावजूद सदन की कार्यवाही रुकने नहीं दी गई और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर प्रदेश की दिशा में अहम फैसले लिए गए।सीएम सुक्खू ने कहा, “विपक्षी दलों ने भी गंभीर विषयों को मजबूती से सदन के सामने रखा। इससे चर्चाओं की गुणवत्ता और सत्र की प्रभावशीलता बढ़ी। जनहित से जुड़े मुद्दों पर हुई विस्तृत बहस ने लोकतांत्रिक परंपराओं को और मजबूत किया है।” उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े प्रश्नों, विकास योजनाओं, राहत पैकेजों और प्रशासनिक सुधारों पर हुई चर्चाओं ने इस सत्र को और भी सार्थक बनाया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कांगड़ा के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय जनता के सहयोग, समर्थन और धैर्य के कारण ही इस विस्तारित सत्र को बिना किसी बाधा के चलाया जा सका। उन्होंने कहा कि कांगड़ा की धरती पर आयोजित यह सत्र प्रदेश की विधायी प्रक्रिया को नई दिशा देगा और भविष्य की राजनीतिक कार्यप्रणालियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण की नीति पर आगे बढ़ रही है तथा सदन में पारित विधेयक और लिए गए निर्णय प्रदेश के विकास को नई गति देंगे।