Shimla, Sanju-:उपायुक्त अनुपम कश्यप ने राजस्व विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि निशानदेही से जुड़े मामलों में अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शिकायत लेकर कार्यालय आता है कि फील्ड स्टाफ काम नहीं कर रहा, तो उसी समय संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग राजस्व कार्यों से जुड़ी समस्याएं लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे विभाग की नकारात्मक छवि बन रही है।
उन्होंने दोनों एसडीएम को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर लंबित फाइलों को निपटाया जाए। उपायुक्त ने कहा कि पटवारियों और कानूनगो की लेटलतीफी का सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। सरकार द्वारा राजस्व विभाग को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनका पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने 7 दिनों के अंदर सभी लंबित निशानदेही मामलों में सम्मन जारी करने का निर्देश दिया।
फील्ड कानूनगो धामी बृजलाल द्वारा जनवरी 2025 से अब तक एक भी सम्मन जारी न करने पर उपायुक्त ने कड़ा सवाल उठाया और नायब तहसीलदार से भी जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि 11 महीनों तक कोई कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। लंबित मामलों के समाधान के लिए अब ऑफिस कानूनगो को भी फील्ड में उतारा जाएगा।बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश कानूनगो अपने क्षेत्र, सरकारी भूमि और भवनों से संबंधित मूलभूत जानकारी तक नहीं रखते। इसी प्रकार ग्राम सभाओं में भी पटवारियों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई—एक वर्ष में केवल दो पटवारी ही ग्राम सभा में शामिल हुए।
उपायुक्त ने सभी पटवारियों को अपने क्षेत्र के लंबरदारों के नियुक्ति पत्रों की जांच, लाभार्थियों को मिली वित्तीय सहायता का सत्यापन और नशा मुक्ति जागरूकता बैठकों का आयोजन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ योजना के अंतर्गत आने वाले निराश्रित बच्चों से अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को एक महीने के भीतर मिलना होगा तथा उन्हें दी जा रही सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना होगा।धारा 118 के मामलों में नियमों की अवहेलना पाए जाने या किसी जानकारी की मांग होने पर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है। अनधिकृत रिपोर्ट जारी करने वाले पटवारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।