लंदन। ब्रिटेन में एक ‘होम केयर’ एजेंसी के निदेशक बेनॉय थॉमस को उन भारतीय प्रवासियों को अवैध रूप से नौकरी पर रखने के आरोप में ढाई साल की जेल की सजा सुनाई गई। जांच में पाया गया कि थॉमस ने 2017-18 के बीच 13 भारतीय नागरिकों को ब्रिटेन में काम करने का अधिकार न होने के बावजूद ‘ए क्लास केयर रिक्रूटमेंट लिमिटेड’ के माध्यम से देखभाल सहायक के रूप में नियुक्त किया।
ब्रिटेन की ‘क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस’ (CPS) के अनुसार, थॉमस ने जानबूझकर आव्रजन कानूनों का उल्लंघन किया। CPS की स्पेशलिस्ट प्रॉसिक्यूटर केटी सैमवेज़ ने कहा कि थॉमस ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से प्रवासियों को रोजगार दिया।
थॉमस को जुलाई में लुईस क्राउन कोर्ट में दोषी ठहराया गया और शुक्रवार को सजा सुनाई गई। साथ ही उसे अगले आठ साल तक कंपनी के निदेशक पद पर नियुक्त होने से अयोग्य घोषित किया गया। थॉमस 2007 में भारत से कानूनी तौर पर ब्रिटेन आए थे और 2012 में ब्रिटिश नागरिक बने थे।
ब्रिटेन में होम केयर एजेंसी बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांग लोगों की देखभाल करती है और प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं को प्रदान करती है, जो चिकित्सकीय और गैर-चिकित्सकीय दोनों प्रकार की सहायता दे सकते हैं।