टोक्यो। सोमवार देर रात उत्तरी जापान के होंशू क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भूकंप के बाद तटीय इलाकों में सुनामी की लहरें दर्ज की गईं, जिनकी ऊंचाई 28 इंच (लगभग 70 सेंटीमीटर) तक पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कम से कम 23 लोग घायल हुए हैं।
भूकंप का केंद्र और समय
भूकंप रात 11:15 बजे जापान समय के अनुसार आया। इसका केंद्र आओमोरी (Aomori) तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर था। इसके बाद छोटे-छोटे सुनामी वेव्स कई तटीय शहरों तक पहुंचीं।
सुनामी का प्रभाव
इवाते प्रांत के कुजी पोर्ट में 70 सेंटीमीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं। अन्य क्षेत्रों में 50 सेंटीमीटर तक की लहरें देखी गईं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने पहले चेतावनी जारी की थी कि कुछ क्षेत्रों में 3 मीटर तक की लहरें आ सकती हैं, लेकिन बाद में अलर्ट कम कर दिया गया।
घायल और नुकसान
कम से कम 23 लोग घायल हुए हैं। कई लोगों को गिरती वस्तुओं से चोटें आईं। हाचिनोह (Hachinohe) के एक होटल में कई लोग घायल हुए। तोहोकू क्षेत्र में एक व्यक्ति की कार सड़क में बने गड्ढे में गिर गई, जिससे उसे हल्की चोटें आईं।
बिजली और परिवहन पर असर
लगभग 800 घरों में बिजली चली गई। शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) और कई लोकल ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं। होक्काइदो के न्यू चितोसे एयरपोर्ट पर लगभग 200 यात्री रातभर फंसे रहे।
न्यूक्लियर प्लांट्स की स्थिति
भूकंप के बाद न्यूक्लियर प्लांट्स ने तुरंत सुरक्षा जांच शुरू कर दी। रोक्काशो रीप्रोसेसिंग प्लांट में spent-fuel एरिया से लगभग 450 लीटर पानी बाहर निकलने की घटना सामने आई, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्लांट सुरक्षित है और रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है।
राहत और बचाव कार्य
लगभग 480 लोग हाचिनोह एयर बेस में शरण लिए हुए हैं। रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के अनुसार, हालात का जायजा लेने के लिए 18 हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्य में तैनात किए गए हैं।