चंडीगढ़ | हरियाणा के मेवात जिले में लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नीम हकीम के गलत इलाज की वजह से 11 साल के बच्चे जुनैद का हाथ काटना पड़ा। गुरासकर गांव के रहने वाले जुनैद का इलाज इस समय नूंह मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि देसी पट्टी की गलत और टाइट बंधाई के कारण नसों में खून का प्रवाह बंद हो गया था, जिससे पूरा हाथ सड़ गया।
कैसे बिगड़ी बच्चे की हालत, पूरी कहानी
23 नवंबर को गुरासकर गांव में घर के पास बने एक गड्ढे में गिरने से जुनैद की कलाई की हड्डी टूट गई। परिवार उसे इलाज के लिए मालुका गांव स्थित देसी हकीम शहीद के घर ले गया, लेकिन उस समय हकीम मौजूद नहीं था। हकीम के 25 वर्षीय बेटे ने खुद ही देसी तरीके से पट्टी बांध दी और जल्द ठीक होने का दावा किया।
लेकिन पट्टी बंधने के बाद दर्द कम होने के बजाय बढ़ता गया। दो दिन तक कोई राहत न मिलने पर परिवार फिर से हकीम के पास पहुंचा, जहां उन्हें एक सप्ताह बाद दिखाने की सलाह दे दी गई।
‘एक्स-रे गलत है’ : हकीम का दावा
दर्द और सूजन बढ़ने पर परिवार ने हथीन में एक्स-रे करवाया, जिसमें साफ दिखा कि हड्डी जुड़ी ही नहीं है। जब यह बात हकीम को बताई गई तो उसने कह दिया—“एक्स-रे में गलती है, हड्डी जुड़ जाएगी।”
परिवार उसकी बात से असंतुष्ट हुए और दूसरे हकीम को दिखाया। वहां से चौंकाने वाली जानकारी मिली—बच्चे का हाथ गलना शुरू हो चुका है।
कई अस्पतालों ने हाथ बचाने से किया इनकार
परिजन बच्चे को पलवल और दिल्ली के अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन सभी डॉक्टरों ने हाथ बचाने से इंकार करते हुए कहा कि अब सिर्फ हाथ काटने से ही जान बच सकती है।
नूंह मेडिकल कॉलेज में बचाई गई जान
अंत में परिवार बच्चे को नूंह मेडिकल कॉलेज नल्हड़ लेकर पहुंचा। यहां ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि:
- देसी पट्टी बेहद टाइट बांधने से नसें खराब हो गईं
- हाथ में ब्लड सप्लाई पूरी तरह बंद हो चुकी थी
- तेजी से इंफेक्शन फैल रहा था, जिससे शरीर में जानलेवा संक्रमण फैलने का खतरा था
स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की और बच्चे का सड़ा हुआ हाथ काटना पड़ा। फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जिले में लगातार बढ़ रहे ऐसे मामले
मेवात में अनफ़िट और अनट्रेंड लोगों द्वारा इलाज के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 30 जुलाई को भी मांडीखेड़ा अस्पताल में प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात बच्ची का हाथ कट गया था।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को कुछ दिन और निगरानी में रखा जाएगा, उसके बाद ही उसे घर भेजा जाएगा।