चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में कर्मचारियों को दिए जाने वाले परफॉर्मेंस, एक्स-ग्रेशिया पुरस्कार और इसी प्रकार के अन्य लाभों के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह नई गाइडलाइंस 24 नवंबर 2011 को जारी पुराने निर्देशों का अद्यतन संस्करण हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जो वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी संभाल रहे हैं, ने सभी बोर्डों, निगमों, कंपनियों, सहकारी संस्थाओं और स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है।
सरकार के अनुसार, हाल ही में कई राज्य सार्वजनिक उपक्रमों ने पिछले कई वर्षों से लंबित परफॉर्मेंस एवं एक्स-ग्रेशिया लाभों के दावे भेजे थे, जिसके कारण एकसमान नीति लागू करने की आवश्यकता महसूस हुई।
नई गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु
- परफॉर्मेंस/एक्स-ग्रेशिया पुरस्कार और इसी प्रकार के अन्य लाभ केवल मौजूदा वित्त वर्ष से पूर्व वाले एक वर्ष के लिए ही स्वीकृत किए जाएंगे।
- राज्य के सार्वजनिक उपक्रम सिर्फ एक साल पुराने लाभों का ही दावा कर सकेंगे।
- कई वर्षों से संबंधित पुराने दावों पर अब कोई विचार या स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से सभी PSUs में पारदर्शिता और समान नीति सुनिश्चित होगी तथा अनावश्यक रूप से बढ़ रहे पुराने दावों पर रोक लगेगी।