ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए कड़े आदेशों के बाद शहर में ट्रैफिक और कानून व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। डीसी ऊना द्वारा नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन घोषित किए जाने के बाद शहर की सड़कें अब सुचारू रूप से चल रही हैं। स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले पर्यटकों ने भी इस कदम की सराहना की है।
जिला प्रशासन ने अवैध माइनिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है और इसके लिए टाइमिंग शेड्यूल और विशेष कैरिडोर बनाया गया है। अब टिप्पर मटेरियल शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक ही ले जा सकते हैं। इस कदम के कारण अवैध खनन के मामले काफी हद तक कम हुए हैं।
साथ ही, रात 10 बजे के बाद शराब के ठेके, आहाते और बार बंद करने के आदेशों के बाद सड़क हादसों और लड़ाई-झगड़ों में भी कमी आई है। एडिशनल एसपी संजीव भाटिया ने बताया कि नाइट पेट्रोलिंग और प्रशासनिक आदेशों के सख्ती से पालन के कारण यह सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
डीसी ऊना के निर्देशों के तहत ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर हुई है। नो पार्किंग और नो वेंडर जोन लागू होने से शहर की सड़कों पर वाहनों की भीड़ नियंत्रित हुई है और सड़क सुरक्षा में सुधार आया है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ये कदम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर में बेहतर माहौल और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी हैं। इस तरह के उपायों से ऊना में सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।