वॉशिंगटन। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के लिए ट्रंप प्रशासन ने स्वदेश वापसी का बड़ा अवसर दिया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने स्वेच्छा से देश छोड़ने यानी सेल्फ-डिपोर्टेशन पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को तीन गुना बढ़ा दिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से निर्वासन की प्रक्रिया सस्ती, तेज और अधिक प्रभावी बनेगी।
नई योजना के तहत जो प्रवासी अपनी इच्छा से अमेरिका छोड़ेंगे, उन्हें 3,000 डॉलर (करीब 2.5 लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले यह राशि 1,000 डॉलर थी। इसके साथ ही 31 दिसंबर 2025 तक ‘CBP One’ ऐप के जरिए पंजीकरण कराने वाले प्रवासियों को उनके देश लौटने के लिए मुफ्त हवाई टिकट की सुविधा भी दी जाएगी। वीजा अवधि से अधिक समय तक रहने पर लगने वाले नागरिक जुर्माने और दंड भी पूरी तरह माफ किए जाएंगे।
गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार सेल्फ-डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को सरल और निःशुल्क रखा गया है। इसके लिए प्रवासियों को अपने मोबाइल फोन में ‘CBP One’ ऐप डाउनलोड कर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी और स्वेच्छा से देश छोड़ने का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सरकार द्वारा की जाएंगी।
गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस योजना को सीमित समय का अवसर बताते हुए चेतावनी दी है कि जो लोग इसका लाभ नहीं उठाएंगे, उन्हें पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा और जबरन निर्वासित किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
DHS के आंकड़ों के अनुसार एक अवैध प्रवासी की गिरफ्तारी, हिरासत और निर्वासन पर औसतन 17,121 डॉलर खर्च होते हैं। स्वैच्छिक वापसी को बढ़ावा देने से इस खर्च में लगभग 70 प्रतिशत तक की बचत होगी, जिससे अमेरिकी करदाताओं पर बोझ कम पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी 2025 से अब तक करीब 19 लाख लोग स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन 2026 में और सख्त अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए अरबों डॉलर की नई फंडिंग, हजारों अधिकारियों की भर्ती और अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक व निजी एजेंसियों की मदद ली जाएगी।