Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला के पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज में स्थित ऐतिहासिक सेंट जॉन चर्च में क्रिसमस पर्व बुधवार को श्रद्धा, उल्लास और शांति के संदेश के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों पर्यटकों ने चर्च पहुंचकर प्रार्थना सभा में भाग लिया। पूरे चर्च परिसर को मोमबत्तियों की रोशनी, सजावट और आध्यात्मिक वातावरण ने एक अलग ही रूप दे दिया।
क्रिसमस प्रार्थना सभा की शुरुआत चर्च के पादरी विक्टर खोजी द्वारा मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर की गई। उन्होंने यीशु मसीह को संसार के लिए “प्रकाश” बताते हुए प्रेम, शांति, करुणा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। प्रार्थना के दौरान श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर यीशु मसीह के जन्म का स्मरण किया और विश्व शांति की कामना की।पादरी विक्टर खोजी ने बताया कि क्रिसमस के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग चर्च पहुंचते हैं, लेकिन इस बार पर्यटकों की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। उन्होंने कहा कि ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि क्रिसमस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता और प्रेम का उत्सव है।
धर्मशाला के अंतरराष्ट्रीय कलाकार मुकेश थापा ने कहा कि क्रिसमस ऐसा पर्व है जो सभी धर्मों और समुदायों को जोड़ता है। उन्होंने बताया कि हर साल सेंट जॉन चर्च में इस दिन एक खास रौनक देखने को मिलती है और यहां का माहौल लोगों को शांति और सुकून का अनुभव कराता है।वहीं स्थानीय निवासी नंदा शाही ने बताया कि वे हर त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाती हैं और इस बार भी अपने परिवार के साथ चर्च पहुंचीं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस पर जलने वाली मोमबत्तियां जीवन में आशा और उजाले का प्रतीक हैं।क्रिसमस के मौके पर मैक्लोडगंज में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी रही, जिससे बाजारों और पर्यटन स्थलों में भी चहल-पहल बनी रही। पूरे क्षेत्र में उत्सव, सौहार्द और खुशी का माहौल नजर आया।