सरकार का फैसला एकतरफा और जल्दबाजी भरा
Mandi, Dharamveer-:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर डॉक्टर के खिलाफ जल्दबाजी में कठोर निर्णय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि एकतरफा कार्रवाई करने के बजाय दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बातचीत के जरिए कोई संतुलित समाधान निकालती। जयराम ठाकुर मंडी में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश सरकार का रवैया बन गया है कि बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में फैसले लिए जा रहे हैं। डॉक्टर से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों की कुछ न कुछ गलती नजर आती है, लेकिन सरकार ने परिस्थितियों की गहराई से जांच किए बिना ही कठोर कदम उठा लिया।
डॉक्टर पर जरूरत से ज्यादा सख्त हुई कार्रवाई
जयराम ठाकुर के अनुसार, डॉक्टर को निलंबित करने तक का निर्णय एक हद तक उचित माना जा सकता था, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से सबक लिया जा सके, लेकिन उससे आगे बढ़कर जो कार्रवाई की गई, वह जरूरत से ज्यादा सख्त है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले में किसी भी पक्ष के पास ठोस और पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आए हैं। ऐसे में सरकार को संयम से काम लेना चाहिए था। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत करानी चाहिए, ताकि आपसी सहमति से कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके। जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियां कई बार सामने आती हैं, लेकिन उनका स्थायी समाधान संवाद और समझदारी से ही संभव है।
एम्बुलेंस कर्मचारियों की अनदेखी कर रही सरकार
इसके अलावा जयराम ठाकुर ने 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों की हड़ताल पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी अपने हक और जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह बेहद संवेदनशील मामला है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आम लोगों के स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ा हुआ है।उन्होंने कहा कि सरकार को एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के प्रति कठोर रवैया अपनाने के बजाय उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। जयराम ठाकुर ने सरकार से मांग की कि वह जल्द से जल्द कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान करे, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।