सेब आयात पर शुल्क कटौती का विरोध
Shimla, Sanju-:भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत न्यूज़ीलैंड से आयात होने वाले सेब पर सीमा शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने के केंद्र सरकार के फैसले ने हिमाचल प्रदेश में सियासी और बागवानी हलकों में चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस निर्णय का कड़ा विरोध जताते हुए इसे राज्य के बागवानों के हितों के खिलाफ बताया है।
प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सेब पर आयात शुल्क में भारी कटौती से हिमाचल समेत अन्य पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादकों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सस्ते आयातित सेब बाजार में आने से स्थानीय बागवानों को उनकी मेहनत की सही कीमत नहीं मिल पाएगी, जिससे बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।मंत्री नेगी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर सरकार गंभीर है और जल्द ही बागवान संगठनों व बागवानी विशेषज्ञों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होगी, जिसमें केंद्र सरकार के फैसले के प्रभाव और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, जगत नेगी ने वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं प्रक्रिया की समझ की कमी या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही इसकी वजह हो सकती है।सरकार इस दिशा में प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि किन्नौर जिले में अब तक लगभग एक हजार लोगों को पट्टे प्रदान किए जा चुके हैं।