Summer express, लुधियाना | पंजाब में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों तक प्रदेश में मानसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान जताते हुए 3 अगस्त तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक रूपनगर, पठानकोट, मोहाली, चंडीगढ़, बठिंडा, लुधियाना, अमृतसर, एसबीएस नगर, होशियारपुर और जालंधर सहित कई जिलों में वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 81.5 मिमी बारिश रूपनगर में दर्ज हुई, जबकि पठानकोट में 77.5 मिमी और चंडीगढ़ में 58.6 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा मोहाली में 28.5 मिमी, बठिंडा में 20 मिमी, एसबीएस नगर में 15.2 मिमी, लुधियाना में 13.6 मिमी, होशियारपुर में 4.8 मिमी तथा अमृतसर और जालंधर में 3.5-3.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। एक जून से 28 जुलाई तक पंजाब में कुल 132.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 199.4 मिमी मानी जाती है। यानी प्रदेश में अब भी करीब 34 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में सोमवार की तुलना में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री की कमी आई, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक बना हुआ है।
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस बठिंडा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस पठानकोट में रिकॉर्ड हुआ। चंडीगढ़ में दिन का तापमान 28.8 डिग्री, पटियाला में 28.5 डिग्री, मोहाली और एसबीएस नगर में 29.1 डिग्री तथा लुधियाना में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 5.5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जो मानसून की सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 जुलाई को पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को निचले इलाकों में जलभराव, फिसलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इससे अधिकतम तापमान में और गिरावट आएगी तथा उमस से राहत मिलेगी, हालांकि कई स्थानों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है।