चंडीगढ़ | जननायक जनता पार्टी (जजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ. अजय चौटाला के एक बयान को लेकर हरियाणा की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उनके बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे लोकतंत्र विरोधी और अराजकता फैलाने वाला करार दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने डॉ. अजय चौटाला के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग दबंगई और लाठी के दम पर सरकार चलाने की सोच रखते हैं, उन्हें भाजपा का सुशासन रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि अजय चौटाला के बयान से स्पष्ट है कि उनका लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास कमजोर हो चुका है। बड़ौली ने मांग की कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए अजय चौटाला को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कृष्ण बेदी ने भी अजय चौटाला की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। दोनों मंत्रियों ने बयान को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा समाज में अराजकता और हिंसा को बढ़ावा देती है, जो किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक नेता को शोभा नहीं देती।
दरअसल, जजपा अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला ने महेंद्रगढ़ में आयोजित ‘युवा योद्धा सम्मेलन’ के दौरान कहा था कि मौजूदा शासकों को सत्ता से हटाने के लिए सड़कों पर उतरकर उन्हें गद्दी से खींचने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे जनआंदोलनों की तर्ज पर आंदोलन की आवश्यकता है, ताकि सरकार को सत्ता छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सके।
अजय चौटाला के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है और इसे लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव और गहराता नजर आ रहा है।