Shimla, Sanju-:शिमला में शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने MSME फेस्ट 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को समर्पित इतने बड़े स्तर का आयोजन किया जा रहा है, जो प्रदेश के छोटे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए नए अवसर खोलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस दौरान हिमाचली शॉल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि हिम MSME फेस्ट के अंतर्गत तीन दिवसीय आयोजन में 4003 हाथ से बुनी गई पारंपरिक पहाड़ी शॉल प्रदर्शनी के लिए लगाई गई हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्योगों की मेहनत का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा किए गए प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड संभव हो पाया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की टोपी और शॉल आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को बेहतर बाजार, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। MSME फेस्ट जैसे आयोजन प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
वहीं, धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मृत्यु के मामले पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार इस प्रकरण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी को पीड़ित छात्रा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
नालागढ़ ब्लास्ट मामले पर कहा ये
इसके अलावा नालागढ़ ब्लास्ट मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य फोरेंसिक लैब (SFL) साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस, पंजाब पुलिस के साथ मिलकर मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि ब्लास्ट स्थल पर पहले कबाड़ भी पड़ा रहता था, इसलिए सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।