Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरी विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में ‘स्वच्छ शहर और समृद्ध शहर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिमाचल के शहरों को न सिर्फ स्वच्छ बनाना है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत करना है, ताकि आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के तहत छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे दुकानदारों का ऋण माफ किया गया है, जो एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) में बदल चुका था। यह ऋण माफी अधिकतम दो लाख रुपये तक की सीमा में की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है और उसकी वार्षिक आय 10 लाख रुपये तक होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिलेगी।इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंडीगढ़ से सटे हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र में एक नया शहर बसाने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही हाउसिंग बोर्ड को लगभग 3400 बीघा जमीन ट्रांसफर कर चुकी है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को एक आधुनिक और नियोजित शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नया शहर रोजगार के अवसर पैदा करेगा और राज्य के विकास को नई गति देगा। सरकार की यह पहल भविष्य में हिमाचल को शहरी विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।