नई दिल्ली। तमिलनाडु के करुर जिले में हुई भीषण भगदड़ मामले में अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में विजय को 12 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह भगदड़ पिछले साल 27 सितंबर को विजय की एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी।
घटना करुर जिले के वेलुसामीपुरम इलाके में हुई, जहां टीवीके की रैली आयोजित की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान की क्षमता लगभग 10 हजार लोगों की थी, वहां करीब 30 हजार से अधिक लोग जुट गए। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा मानकों और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी के चलते हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ मच गई।
देरी से पहुंचने पर बढ़ी भीड़
जांच में सामने आया है कि विजय के रैली स्थल पर तय समय दोपहर 12 बजे पहुंचने की घोषणा थी, लेकिन वे करीब सात घंटे की देरी से शाम लगभग 7 बजे पहुंचे। इस दौरान भीड़ लगातार बढ़ती रही। जैसे ही विजय की कैंपेन बस मौके पर पहुंची, उत्साहित समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई। कई लोग उन्हें देखने के लिए पेड़ों, छतों और बिजली के खंभों पर चढ़ गए, जिससे खतरा और बढ़ गया।
स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने करंट लगने की आशंका के चलते बिजली आपूर्ति बंद कर दी, लेकिन तब तक भगदड़ शुरू हो चुकी थी।
मृतकों के परिजनों को मुआवजा
घटना के अगले दिन विजय ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। साथ ही, उन्होंने अपनी राज्यव्यापी राजनीतिक यात्रा को भी स्थगित कर दिया था।
इस मामले में टीवीके के करुर पश्चिम जिला सचिव मथियाझगन को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन पर आयोजन व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगा। हालांकि बाद में अदालत ने उनकी हिरासत बढ़ाने से इनकार करते हुए उन्हें रिहा कर दिया।
CBI जांच में अब विजय से होगी पूछताछ
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह मामला CBI को सौंपा गया था। जांच एजेंसी अब तक पार्टी के कई पदाधिकारियों और आयोजकों से पूछताछ कर चुकी है। अब विजय को भी सीधे जांच के दायरे में लाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, CBI विजय से रैली की योजना, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक अनुमति से जुड़े सवाल पूछ सकती है। विजय पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले टीवीके और विजय के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।