चरखी दादरी | चरखी दादरी में भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनगणना के सुचारू और सटीक संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने बताया कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें देश की लगभग 140 करोड़ आबादी की गणना की जाएगी। इसकी सफलता के लिए पहले से परीक्षण और प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी। आंकड़े मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सीधे दर्ज किए जाएंगे, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और डेटा प्रोसेसिंग तेज होगी। डिजिटल माध्यम अपनाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और सूचनाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
प्रशासन के अनुसार, जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के रूप में अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। नागरिकों को सेल्फ-इन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, जिससे वे स्वयं ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
डॉ. नागपाल ने कहा कि जनगणना के आंकड़े सरकारी नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति गणना से छूट न जाए। बैठक में एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, सूचना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।