पलवल | हरियाणा के पलवल जिले में पुलिस ने एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है, जो चोरी किए गए वाहनों और फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में बेचने का काम करता था। इस मामले ने इलाके में सुरक्षा और अपराध के प्रति चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस ने होडल थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की है। शिकायतकर्ता राम गोपाल ने बताया कि उनकी स्विफ्ट कार, जो फाइनेंस पर थी, उनके दोस्त धर्मेंद्र ने लेकर कथित तौर पर किस्त भरने का वादा किया। बाद में धर्मेंद्र ने कार को कोट के रहने वाले सुभान उर्फ सुबेदीन को किराए पर दे दिया।
सुभेदीन ने राम गोपाल के फर्जी हस्ताक्षर कर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट तैयार कराया और कार को जम्मू-कश्मीर में किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने की कोशिश की। जब राम गोपाल को वाहन प्राधिकरण से ट्रांसफर का मैसेज मिला, तो उन्होंने तुरंत जांच करवाई और एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार का ट्रांसफर रोककर धोखाधड़ी को टाल दिया।
जांच में पता चला कि सुभेदीन, घासेड़ा का रहने वाला सलीम, इंदाना का शाहरुख और साहिद सहित अन्य लोग मिलकर पंजाब और अन्य राज्यों से चोरी की गई गाड़ियां लाकर फर्जी दस्तावेज बनाते हैं और उन्हें बेचते हैं। आरोपी ने शिकायतकर्ता को जातिसूचक गालियां दी और 3.5 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकाया कि यदि पैसे नहीं दिए तो झूठे केस में जेल भिजवाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे गिरोहों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी अनियमितता की अनुमति नहीं दी जाएगी।