Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से लंबित पंचायती राज चुनाव अब तय समयसीमा के भीतर कराए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने राज्य सरकार को 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव संपन्न करवाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह अहम फैसला न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया।अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव से जुड़ी सभी औपचारिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं 28 फरवरी तक पूरी की जाएं, ताकि तय समय पर मतदान कराया जा सके। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक टाल नहीं सकती।
इस मामले में याचिका दायर करने वाले डिक्कन कुमार ठाकुर ने अदालत के फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों का न होना ग्रामीण विकास को प्रभावित कर रहा था और अब इस फैसले से गांवों को चुनी हुई सरकार मिलेगी।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संविधान के तहत समय पर चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी है और हाईकोर्ट ने उसी संवैधानिक दायित्व को लागू किया है।
नंदलाल ठाकुर, याचिकाकर्ता के एडवोकेट:
“सरकार आपदा कानून का सहारा लेकर पंचायत चुनाव नहीं टाल सकती। अदालत ने लोकतंत्र की रक्षा करते हुए समयसीमा तय की है।”
डिक्कन कुमार ठाकुर, याचिकाकर्ता:
“यह फैसला प्रदेश के ग्रामीण लोगों के अधिकारों की जीत है। अब गांवों को चुने हुए प्रतिनिधि मिलेंगे।”
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार पर तय समय में चुनाव करवाने का दबाव बढ़ गया है।