कैथल I कैथल में जिला ग्रीवांस मीटिंग के दौरान मंत्री अनिल विज के समक्ष रेप और अश्लील मैसेज की शिकायत करने वाली युवती के मामले में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में शिकायत को पूरी तरह झूठा पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 217 के तहत कार्रवाई करने का फैसला लिया है। इस धारा में एक साल तक की जेल, 10 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गीता के अनुसार, युवती पूजा और उसकी मां ने दो युवकों राहुल बंसल और सौरभ पर गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन तकनीकी और तथ्यात्मक जांच में आरोप निराधार साबित हुए। इसके बाद दोनों युवकों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने खुद फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर आपत्तिजनक मैसेज तैयार किए और उन्हें सबूत के तौर पर पेश किया। आईपी एड्रेस ट्रेस होने से बचने के लिए उसने पड़ोसियों के वाई-फाई का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान मोबाइल फोन देने से इनकार करने पर साइबर सेल की मदद से डेटा निकाला गया, जिससे पूरी साजिश उजागर हो गई।
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी पता चला कि युवती पहले भी कई झूठे केस दर्ज करवा चुकी है, जिनमें आरोपी कोर्ट से बरी हो चुके हैं। कैथल एसपी ने कहा कि झूठी शिकायत कर कानून का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि इससे निर्दोष लोगों को परेशानी होती है और असली पीड़ितों के मामलों पर असर पड़ता है।