Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के पालमपुर क्षेत्र से संबंध रखने वाले युवक रक्षित चौहान के वेनेजुएला में फंसे होने की खबर ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। बेटे की सलामती और उसकी वापसी को लेकर परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से भावुक अपील की है। परिवार का कहना है कि 19 फरवरी को रक्षित के बड़े भाई की शादी है और उससे पहले वे अपने बेटे को सुरक्षित घर देखना चाहते हैं।
रक्षित की मां रीता ने भावुक होते हुए कहा कि “मोदी जी मेरे बच्चे को सुरक्षित घर पहुंचा दो।” उन्होंने बताया कि रक्षित से उनकी आखिरी बातचीत 7 जनवरी को हुई थी। उस दौरान रक्षित ने संकेत दिया था कि कुछ समय के लिए उसकी सिम बंद हो सकती है और संपर्क टूट सकता है। इसके बाद से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। मां का कहना है कि पूरा परिवार दिन-रात यही प्रार्थना कर रहा है कि उनका बेटा जल्द सही-सलामत वापस लौट आए।
रक्षित के बड़े भाई राहुल चौहान ने जानकारी दी कि 7 जनवरी को हुई बातचीत में रक्षित ने बताया था कि वह ऐसे इलाके में रहेगा, जहां नेटवर्क की समस्या होगी। इसके दो-तीन दिन बाद परिवार को सूचना मिली कि जिस जहाज में रक्षित क्रू मेंबर था, उसे सीज कर लिया गया है। राहुल के अनुसार यह जहाज इस समय यूएस ऑफिशियल के अंडर बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहाज में रक्षित के अलावा केरल और गोआ के भी दो युवक मौजूद हैं। परिवार की मांग है कि सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द रिहा करवाया जाए।
रक्षित के पिता रंजीत सिंह ने बताया कि रक्षित 1 अगस्त 2025 को विदेश गया था और उसने एक रूसी कंपनी का जहाज ज्वाइन किया था। करीब चार से पांच महीने बाद कंपनी ने उसे दोबारा बुलाया और वेनेजुएला से तेल लाने के लिए भेजा गया। जब जहाज वेनेजुएला बॉर्डर के पास पहुंचा तो कंपनी ने आगे जाने से मना किया और बताया कि आगे संपर्क टूट सकता है। इस कारण वे करीब दस दिन तक वहीं रुके रहे। बाद में कंपनी ने उन्हें वापस बुला लिया, लेकिन इसी दौरान अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हालात बिगड़ गए।
रंजीत सिंह ने बताया कि पालमपुर के विधायक ने उनके बेटे से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है और शिमला जाकर मुख्यमंत्री से भी इस मामले को उठाने का भरोसा दिलाया है। परिवार को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार के हस्तक्षेप से रक्षित सहित सभी फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकेगी।परिवार ने एक बार फिर प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर उनके बेटे को घर पहुंचाया जाए, ताकि परिवार राहत की सांस ले सके।