Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नाहन से कांग्रेस नेता कपिल गर्ग को हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के खिलाफ सोशल मीडिया पर कोई भी सामग्री अपलोड करने या फैलाने से रोक दिया है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस सुशील कुकरेजा की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने प्रतिवादी मोंटी गर्ग को फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर और अन्य किसी भी मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डॉ. बिंदल से संबंधित लेख, समाचार या सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया है, जब तक उनके खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमे का निपटारा नहीं हो जाता।
यह आदेश 9 जनवरी, 2026 को सुनाया गया। यह मामले सिविल प्रोसीजर कोड के ऑर्डर 39 नियम 1 और 2 के तहत दायर आवेदन पर आधारित है। डॉ. बिंदल ने इस आवेदन में कहा था कि कपिल गर्ग ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाए, जिनमें कोविड-19 महामारी के दौरान PPE किट खरीद से जुड़ी बातें भी शामिल थीं। उनका दावा है कि इन पोस्टों का उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और राजनीतिक लाभ उठाना था। डॉ. बिंदल ने इसके लिए 1.25 करोड़ रुपये का मानहानि दावा भी किया है।कोर्ट ने कहा कि बिना जांच-परखे आरोप किसी सार्वजनिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने माना कि वादी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला मजबूत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अनिवार्य रूप से सीमित नहीं है और उचित प्रतिबंधों के अधीन हो सकता है, खासकर तब जब किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर ठाकुर, जो डॉ. बिंदल के पक्ष में मामले में पेश हुए, ने बताया कि अदालत ने 17 दिसंबर, 2025 को दलीलों को सुना और इसके बाद इस अंतरिम रोक का आदेश जारी किया। मुकदमे की आगे की सुनवाई योग्यता और दावे की प्रमाणिकता के आधार पर होगी।