Hamirpur, Arvind-:सुजानपुर में सेना दिवस के अवसर पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिरकत कर देवभूमि हिमाचल के वीर सपूतों को नमन किया। सर्वकल्याणकारी संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में जयराम ठाकुर ने कहा कि सेना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन भावनाओं का उत्सव है जो हर नागरिक के मन में अपने सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के रूप में बसती हैं।उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए सच्चा सम्मान शब्दों या भाषणों से नहीं, बल्कि उनके त्याग और बलिदान को हृदय से स्वीकार करने से प्रकट होता है। हिमाचल प्रदेश के सैन्य योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही राज्य भौगोलिक रूप से छोटा हो, लेकिन देश की सीमाओं की रक्षा में यहां के जवानों की भूमिका ऐतिहासिक रही है। प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कारगिल युद्ध तक, हिमाचल के सैनिकों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया है।
जयराम ठाकुर ने पिछले 25 वर्षों से सेना दिवस आयोजन को निरंतर सफल बनाने के लिए पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और उनके पुत्र अभिषेक राणा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रयास सैनिकों के प्रति समाज की सच्ची संवेदना को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सेना के सम्मान को केवल दिखावे तक सीमित रखते हैं, वे समाज को कमजोर करते हैं।कार्यक्रम में उपस्थित महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का उन्होंने विशेष आभार व्यक्त किया और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की उपस्थिति को भी सैनिकों के सम्मान का प्रतीक बताया। अंत में जयराम ठाकुर ने शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देवभूमि के युवाओं की रग-रग में बसी देशभक्ति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।