ऊना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की सियासत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी को लेकर न सिर्फ तीखी टिप्पणी की, बल्कि आगामी राज्यसभा चुनाव में “कुछ भी हो सकता है” का संकेत देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अनुराग ठाकुर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तीन महीने बाद प्रदेश की एक राज्यसभा सीट खाली होने वाली है।
ऊना में दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच जो तनातनी सामने आ रही है, वह कांग्रेस के भीतर मौजूद विभिन्न खेमों का नतीजा है। उन्होंने इसे कांग्रेस में बिखराव का स्पष्ट संकेत बताया और दावा किया कि यह स्थिति किसी बड़े राजनीतिक कदम की ओर इशारा कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी सर फुट्टवल का असर पहले भी देखने को मिल चुका है। पिछली बार राज्यसभा चुनाव में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए आगामी राज्यसभा चुनाव में भी अप्रत्याशित नतीजे सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान को सीधे तौर पर कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले दिशा बैठक में अनुराग ठाकुर ने ऊना जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।
इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने प्रदेश में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की सड़कों के सुधार और निर्माण के लिए वह केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर करीब 2000 करोड़ रुपये की मांग कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्र सहायता प्राप्त सड़कों के रखरखाव में राज्य सरकार का खर्च भी नहीं लगता, इसके बावजूद सरकार सड़कों की हालत सुधारने में विफल रही है।
अनुराग ठाकुर के इन बयानों को प्रदेश की राजनीति में आने वाले बड़े बदलावों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।